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ढाई घर का अणत बाजूबंद भाग 2

  प्रस्तावना मारवाड़ राज्य के संस्थापक एवं मारवाड़ राज्य के राठौड़ वंशज नरेश श्री राव सीही जी ( 1250 -- 1273 ई०) की सोलहवीं पीढ़ी के राठौड़ वंशज श्री राव जोधा जी ( सन 1453 -- 1489 ई० ) ने मारवाड़ राज्य के अंतर्गत जोधपुर नगर की स्थापना अपने नाम के आधार पर "जोधपुर"  नामकरण करते हुए की थी। बाद में इन्हीं के राठौड़ वंश की राज्य पताका फहराते हुए श्री राव महाराजा जसवंत सिंह जी प्रथम ( सन1638 -- 1678) ने जोधपुर नगर व मारवाड़ राज्य का संचालन करते हुए सदा ही अग्रसर रहकर मारवाड़ राज्य की जनता में लोकप्रिय बने रहे।  श्री महाराजा जसवंत सिंह जी प्रथम के समकालीन विलाड़ा में सीरवी के दीवान श्री राजसिंह जी तथा रियानगर ( सेठों की रिया में धनाढ्य पारिवारिय, मूहणोत गोत्रीय जैन सम्प्रदाय के अनुयायी , सेठ होला जी भी हुए हैं। जिन्होंने मारवाड़ राज्य के राठौड़ नरेशों राव व महाराजाओं को समय - समय पर जब -- जब मारवाड़ व जोधपुर नगर पर कठिनाइयां या विपत्तियाँ आयीं, मुक्त ह्रदय व मुक्त हस्त से पूर्णतया धनधान्य से सहायता करते हुए राठौड़ वंशीय राव व महाराजाओं के प्रिय बने रहे हैं। रियानगर के सेठ होला जी के एकमात्र प...